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यकीन है कि ऑफिसर न होते होते शाद हम


यकीन है कि ऑफिसर  होते होते शाद हम

 जाने इस गुमाँ में होते और क्या ख़राब हम


रदीफ़ काफ़िये बहर की हर तरफ कसा कसी

ज़रा से होते बाख़बर  आते इस दयार हम 


शरीक मैकशी में दिलरुबा कभी तु हो ज़रा

तेरी कसम पियेंगे  तुझ बिन कभी शराब हम


सवाल ही सवाल थे जवाब था कही नहीं

 पूछ यार हाल चाल थे जब लाजवाब हम


कभी कभी जो जाम पीते है लत लग जायेगी 

इसी सबब बढ़ा रहे शराब का बज़ार हम 



गुमाँ : suspicion 

शाद : happy 

रदीफ़ : refrain, repetition of words at the end of a couplet that follow the rhyming word

काफ़िये : rhyming words 

बहर : meter and pattern of one line of a couplet; all other lines have to follow the same pattern

दयार : this place

शरीक : participate in 

मैकशी : liquor drinking 

सबब : cause, reason 

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