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Showing posts from July, 2021

बच्चों के नाम

मेरी बात सुनो बेटा बात करो  मैं कबसे चुप ज़रा गौर करो तेरे छुटपन में मुझे वक़्त नहीं था चाहा था जैसा मैं वैसा शजर नहीं था अब जी चाहता है तुझे पास बुलाऊ पास बुलाके सीने से लगाऊँ कंधे पे बिठाऊँ घोड़ा बन जाऊँ ये नहीं सहल है यही तेरा कल हैं पर कल की चिंता कभी मत करना एक बात कहु हु उसे याद रखना तेरी राह सही हैं डटकर चलना कल बेहतर हो यही कोशिश करना यही कोशिश थी सो   मेरे बाप से मेरा मुझसे तेरा  कल सुधर गया है  कल निखर गया है  शजर = tree  सहल = easy