यकीन है कि ऑफिसर न होते होते शाद हम न जाने इस गुमाँ में होते और क्या ख़राब हम रदीफ़ काफ़िये बहर की हर तरफ कसा कसी ज़रा से होते बाख़बर न आते इस दयार हम शरीक मैकशी में दिलरुबा कभी तु हो ज़रा तेरी कसम पियेंगे न तुझ बिन कभी शराब हम सवाल ही सवाल थे जवाब था कही नहीं न पूछ यार हाल चाल थे जब लाजवाब हम कभी कभी जो जाम पीते है लत लग जायेगी इसी सबब बढ़ा रहे शराब का बज़ार हम गुमाँ : suspicion शाद : happy रदीफ़ : refrain, repetition of ...
My impressions in my words