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Showing posts from November, 2017

बरसों पहले एक सौदा किये

बरसों पहले एक सौदा किये बड़ा नुकसान हुआ क्या किये   एक इल्म जिसमें उलझे रहे एक इल्म जिसका नशा किये   शब - ओ - रोज़ वक़्त के पाबंद फुरसत - ए - गुनाह को तरसा किये   गैर ऐसे जो क़ाइल हुए यार ऐसे जो टोका किये   न दीवाने हुए न होशियार मुकम्मल एक काम भी ना किये   नाकामियां आस्तीन खिंचती रही   हौसला मंज़िल की ओर ढकेला किये     ये   मलाल की लौट नहीं सकते 'आकाश'  ये राहत कि आग़ाज़ - ए - इल्म बरपा किये ।।   इल्म = knowledge, talent, expertise शब - ओ - रोज़ = day and night  पाबंद = bound फुरसत - ए - गुनाह = freedom to sin क़ाइल = convince मुकम्मल = complete आस्तीन = sleeve मलाल = regret आग़ाज़ - ए - इल्म = beginning of expertise afresh बरपा = happen