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Showing posts from May, 2017

एक तेरे होने से कई साल तक मैं बड़ा हुआ ही नहीं

एक तेरे होने से कई साल तक मैं बड़ा हुआ ही नहीं दो बार गुज़रा वो बचपन जो करोड़ो को मिला ही नहीं  बट रहे हैं क्यों धर्मों से इंसान क्यों न बटे कर्मों से इंसान मुकम्मल होगा कभी जहाँ ऐसा भी अब तक जिसे देखा ही नहीं वक़्त की बेदार संगदिल छलनी क्या कुछ निगल गई कितने आफताब बुझ गए जिन्हे हमने जाना ही नहीं है किसकी ये तलाश ये क्या अधूरा है क्यों है ये तल्खियाँ जाने कब से कैद हूँ इस ख़याल में जो पहले कही था ही नहीं मुसलसल गुज़रती ही रही ज़िन्दगी खामोश लम्हा-बा-लम्हा सफर ही में रहे मंज़िल बगल ही में थी पहचाना ही नहीं। मुकम्मल = perfected/complete बेदार = vigilant/alert संगदिल = ruthless छलनी = filter/funnel आफताब = sun तल्खियाँ = bitterness/sorrows मुसलसल = continually

लोकतंत्र कायम रह जायेगा ।

Democracy is a device that ensures that we shall be governed no better than we deserve. ― George Bernard Shaw जब बेकाबू रोष प्रजा का हो जाएगा शांत मतदाता दंगई बन जाएगा हर नेता इस आग में झुलस जाएगा केवल लोकतंत्र कायम रह जाएगा कमल पर शूल उग जाएगा तिरंगे हाथ में चुभ जाएगा सिंह बूढ़ा व निर्बल हो जाएगा लोकतंत्र कायम रह जाएगा कोई वरदान नहीं जो भविष्य दिखायेगा  न कोई सर्वशक्तिमान उसे बदल पायेगा केवल इतिहास का अध्ययन ये बताएगा  हर हाल में लोकतंत्र कायम रह जाएगा फिर एकरंगी कमल कही खिल जाएगा तिरंगा हाथ फिर बलवान हो जाएगा फिर खूंखार सिंह कोई ज़हर दहाड़ेगा फिर भी लोकतंत्र कायम रह जाएगा फिर नेता प्रजा को निरंतर कुचलेगा फिर मतदाता रोज़गार में उलझेगा फिर मेरा बेटा ये कविता याद करेगा केवल लोकतंत्र कायम रह जाएगा ।।

मेरे बच्चे की माँ

वो लम्हा जब मिरे बच्चे ने माँ पुकारा मुझे मैं एक शाख़ से कितना घना दरख़्त हुई - हुमैरा रहमान तेरी खूबियाँ मेरी खामियों में घुला करती है तेरा होना मुझ अधूरे को पूरा करती है अबके बरस ख़ूब खेलेंगे घर घर हम दोनों कमरों में अब नन्ही किलकारियाँ फिरा करती है बदन में थकन आँखों में वज़न मन में लगन अब एक माँ इस घर में बसेरा करती है खाना पकाना लाड लड़ाना लोरी सुनाना रूठे तो मनाना अगले वक़्त की बेपरवाह लड़की अदा फ़र्ज़ मादरा करती है नहीं थी उम्मीद ज़िन्दगी इस कदर खुशग़वार होगी मेरे बच्चे की माँ मुसल्सल तिलिस्म इख़्तिरा करती है। शाख = branch दरख्त = tree किलकारियां = a child's laughter खुदमुख्तार = free-willed मादरा = maternal/motherly खुशगवार = filled with happiness मुसल्सल = continuously तिलिस्म = magic इख़्तिरा = to invent