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Showing posts from 2023

यकीन है कि ऑफिसर न होते होते शाद हम

यकीन   है   कि   ऑफिसर   न   होते   होते   शाद   हम न   जाने   इस   गुमाँ   में   होते   और   क्या   ख़राब   हम रदीफ़   काफ़िये   बहर   की   हर   तरफ   कसा   कसी ज़रा   से   होते   बाख़बर   न   आते   इस   दयार   हम   शरीक   मैकशी   में   दिलरुबा   कभी   तु   हो   ज़रा तेरी   कसम   पियेंगे   न   तुझ   बिन   कभी   शराब   हम सवाल   ही   सवाल   थे   जवाब   था   कही   नहीं न   पूछ   यार   हाल   चाल   थे  जब  लाजवाब   हम कभी   कभी   जो   जाम   पीते  है  लत   लग   जायेगी   इसी   सबब   बढ़ा  रहे  शराब   का   बज़ार   हम   गुमाँ  : suspicion  शाद  : happy  रदीफ़  : refrain, repetition of ...

पहले तुझे पाने का मज़ा जाता रहा

पहले   तुझे   पाने   का   मज़ा   जाता   रहा उसपे   तुझे  छूने  का   मज़ा   जाता   रहा pehle tujhe paane ka mazaa jaata raha uspe tujhe chune ka mazaa jaata raha जब   से   हम   साथ   चलने   लगे   मेरे   हमकदम गिरके   संभलने   का   मज़ा   जाता   रहा   jab se hum saath chalne lage mere humkadam girke sambhalne ka mazaa jaata raha जब   से   हम   सात   फेरे   के   हसीं   रिश्ते   में   बंधे मिलने   ओ   बिछड़ने   का   मज़ा   जाता   रहा   jab se hum saat phere ke hasii rishte mein bandhe milne o bichadne ka mazaa jaata raha   जब   से   खिल   खिल   के   हसने   लगे   तेरे   साथ   हम तन्हा   तर - ब - तर   होने   का   मज़ा   जाता   रहा jab se khil khil ke hasne lage tere saath hum tanha tar-ba-tar ka mazaa j...