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मेरे बच्चे की माँ

वो लम्हा जब मिरे बच्चे ने माँ पुकारा मुझे
मैं एक शाख़ से कितना घना दरख़्त हुई
- हुमैरा रहमान

तेरी खूबियाँ मेरी खामियों में घुला करती है

तेरा होना मुझ अधूरे को पूरा करती है


अबके बरस ख़ूब खेलेंगे घर घर हम दोनों

कमरों में अब नन्ही किलकारियाँ फिरा करती है


बदन में थकन आँखों में वज़न मन में लगन

अब एक माँ इस घर में बसेरा करती है


खाना पकाना लाड लड़ाना लोरी सुनाना रूठे तो मनाना

अगले वक़्त की बेपरवाह लड़की अदा फ़र्ज़ मादरा करती है


नहीं थी उम्मीद ज़िन्दगी इस कदर खुशग़वार होगी

मेरे बच्चे की माँ मुसल्सल तिलिस्म इख़्तिरा करती है।


शाख = branch
दरख्त = tree
किलकारियां = a child's laughter
खुदमुख्तार = free-willed
मादरा = maternal/motherly
खुशगवार = filled with happiness
मुसल्सल = continuously
तिलिस्म = magic
इख़्तिरा = to invent

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